जानिए दही के फायदे
Sunday, 25 Feb 2024 00:00 am

Health7

दही हमारे लिए बहुत फायदेमंद होता है। आयुर्वेद में इसके बेहतरीन गुणों का विवरण है। यह हमारे पाचन को बेहतर बनाता है और हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है। कहा जाता है कि किसी भी शुभ काम से पहले दही चीनी का सेवन करने से वह काम अच्छे से होता है। कई लोग अभी भी घर से बाहर निकलने से पहले दही-चीनी खाते हैं। यह मिथक है कि दही ठंडी होने के कारण खांसी और जुकाम बढ़ा सकता है। वास्तव में, यह बिलकुल गलत है, अगर आप फ्रिज में रखी ठंडी दही का सेवन नहीं कर रहे हैं।

दही के गुण: आयुर्वेद के अनुसार, दही भारी, चिकनाई युक्त, कफ और पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है। इसे बहुत ही पौष्टिक आहार माना जाता है और छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए फायदेमंद है। दही में विटामिन, कैल्शियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। खाने के साथ दही खाने से खाना आसानी से पच जाता है।

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दही के फायदे: रोजाना दही खाने से पाचन तंत्र अच्छा रहता है और साथ ही पेट से जुडी कई समस्या से छुटकारा मिलता है। दही के सेवन के आलावा कई सरे फायदे है। यहां हम उनमें कुछ मुख्य फायदों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

पेट के रोगों से आराम: दही में लाभदायक अच्छे बैक्टीरिया (Good Bacteria) बहुत अधिक मात्रा में होते हैं। इसके कारण, यह पेट संबंधी रोगों को बहुत तेजी से ठीक करने में मदद करता है। पेट संबंधी किसी भी प्रकार के संक्रमण में दही का सेवन फायदेमंद माना जाता है।

खूनी बवासीर में लाभदायक: बवासीर की मुख्य वजह कब्ज है। दही से पेट की कब्ज दूर होती है और इस तरह बवासीर की समस्या से आराम मिलता है। विशेष रूप से, दही की मलाई का सेवन खूनी बवासीर में उपयोगी माना जाता है।

सर्दी में होने वाले बुखार से आराम: सर्दी होने पर बुखार होना आम बात है। हालांकि, सर्दी में अधिकांश लोग दही का सेवन नहीं करते हैं, लेकिन दही का सेवन सर्दी से होने वाले बुखार में आराम प्रदान करता है।

मलेरिया में लाभदायक: अगर आप मलेरिया से पीड़ित हैं तो इस दौरान दही का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, मलेरिया के इलाज के लिए सिर्फ़ घरेलू उपायों पर निर्भर ना रहें, बल्कि नजदीकी चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।

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दही से जुड़ी अन्य जानकारी दही की मलाई दही की मलाई भी सेहत के लिए बहुत गुणकारी होती है। इसके सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है और शुक्राणुओं की गुणवत्ता बढ़ती है। इसके अलावा, दही की मलाई का सेवन खूनी बवासीर में भी लाभकारी होता है।

दही का पानी (मस्तु) आयुर्वेद के अनुसार, दही के पानी में लघु, पाचन-शक्ति बढ़ाने वाले गुण होते हैं। इसके अलावा, यह पानी वात को बाहर निकालने वाला, स्रोतों को शुद्ध करने वाला और मल-पदार्थों को बाहर निकालने वाला है। दही के पानी का नियमित सेवन शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

मक्खन निकला दही मक्खन निकला हुआ दही कब्ज बढ़ाने और पेट में वातकारक कार्य करने का माना जाता है, लेकिन इस दही का सेवन गृहणी रोग में लाभकारी होता है।

मंद (पूरी तरह से न जमी हुई) दही ध्यान दें कि सही रूप से जमी हुई दही ही सेहत के लिए फायदेमंद होती है। अगर दही सही ढंग से जमी नहीं है, तो उसका सेवन न करें। इससे कफ की समस्या बढ़ सकती है, जो कि बहुत हानिकारक माना जाता है।

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दही के साथ क्या नहीं खाना चाहिए

दही सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन कुछ चीजों के साथ अगर आप दही का सेवन करते हैं, तो आपको सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। आयुर्वेद में ऐसे आहारों को विरुद्ध आहार कहा गया है। आइये जानें कुछ ऐसे संयोगों के बारे में जो दही के साथ नहीं खाने चाहिए।

दही के साथ नहीं खाने वाली चीजे 

खीर
दूध
पनीर
गर्म पदार्थ और गरम भोजन
खीरा
खरबूजा
ताड़ का फल

दही खाने का सही तरीका आयुर्वेद के अनुसार, सामान्यतः रात में दही का सेवन नहीं करना चाहिए। दही का सेवन करते समय इसमें घी, शहद, चीनी, मूंग की दाल, आंवला चूर्ण या लवण भास्कर चूर्ण आदि में से कुछ ना कुछ जरूर मिला देना चाहिए। इन पदार्थों को बिना मिलाए दही का सेवन नहीं करना चाहिए।

दही को आग या धूप आदि में गरम करके नहीं खाना चाहिए। दही में कफ और पित्त को बढ़ाने वाले गुण होते हैं। इसलिए गर्मी, बसंत और शरद ऋतु में दही खाने से मना किया गया है। मानसून, हेमंत और शिशिर ऋतु में दही का सेवन अच्छा माना गया है।